केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने भारतीय किसान संघ प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया।

IMG-20180524-WA0107भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों की समर्थन मूल्य पर खरीद, भावन्तर योजना लागू करने, समर्थन मूल्य से नीचे व्यापार को अवैध घोषित करने, ऋण मुक्ति, कृषि आदान मूल्य नियंत्रण करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 21 से 25 मई को प्रदेश के सभी जिला व तहसील मुख्यालयों पर ज्ञापन व प्रदर्शन का प्रदेशव्यापी आंदोलन संगठन के नेतृत्व में रहा जिसमें प्रदेश के सभी 33 जिलों सहित 250 स्थानों पर ज्ञापन-धरने व रैली कार्यक्रम हुए परिणाम स्वरूप प्रदेश प्रतिनिधिमंडल को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा वार्ता के लिए आमंत्रित किया। भारतीय किसान संघ प्रतिनिधिमंडल व केंद्रीय कृषि मंत्री के बीच दिल्ली में सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई जिसमें संगठन द्वारा प्रदेश के किसानों की समस्याओं से केंद्रीय कृषि मंत्री को अवगत करवाया। प्रदेश महामंत्री कैलाश गंदोलिया ने बताया कि वार्ता के दौरान कृषि राज्य मंत्री शेखावत ने किसानों की समस्याओ को गंभीरता से सुनते हुए समर्थन मूल्य पर खरीद लक्ष्य व अवधी बढ़ाने, समय पर भुगतान करने, वेयरहाउस की समस्या का समाधान करने सहित भावान्तर भुगतान योजना को लागू करने हेतु गंभीरता से विचार करने का ठोस आश्वाशन दिया। भारतीय किसान प्रतिनिधि मण्डल को नेतृत्व भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री बद्रीनारायण चैधरी के द्वारा किया गया।
भारतीय किसान संघ ने गत वर्ष जून में प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर हुए आंदोलन के दौरान भी सभी फसलों का लागतआधारित लाभकारी मूल्य घोषित कर खरीद या भावन्तर योजना लागू कर घोषित मूल्य देने की गारंटी की मांग की थी।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ संगठन प्रतिनिधियों की वार्ता में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बद्रीनारायण चैधरी, प्रदेश महामंत्री कैलाश गंदोलिया, प्रदेश उपाध्यक्ष हीरालाल चैधरी, छोगालाल सैनी व चित्तोड़ प्रांत के अध्यक्ष प्रवीण सिंह उपस्थित रहे।
इस दौरान प्रदेश के कृषि व सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि 21 मई को संपूर्ण राजस्थान के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देने के बाद 22 मई से 25 मई तक उक्त मांगों को लेकर तहसील मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं । उक्त मांगों को लेकर इस के दौरान प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे गए थे।

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