लोगों को अवसाद की दुनिया से बाहर निकाल रही हैं रुचि

लोगों को अवसाद की दुनिया से बाहर निकाल रही हैं रुचि

जयपुर 10 मार्च (विसंके ) महानगरों की भागदौड़, करियर का तनाव, दरकते रिश्तों की चिंता और कामयाबी का जुनून। यही नहीं खोने के भय के कारण लोग मानसिक रूप से अवसाद में जा रहे हैं। अवसाद में रहने वालों को जिंदगी नीरस लगने लगती है। लेकिन उनकी जिंदगी में कैसे खुशियों के रंग भरें और उन्हें कैसे जिंदगी की नई राह दिखाई जाए इस दिशा में दिल्ली के करोलबाग की रहने वाली 40 वर्षीय रुचि मित्तल पिछले दस वर्षों से काम कर रही हैं। रुचि ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और कुछ विशेष पाठ्यक्रम विदेशों से भी पढ़े हैं। अब तक सैकड़ों लोगों को अवसाद की दुनिया से बाहर निकाल चुकी हैं। साथ ही विद्यार्थियों का भी मार्गदर्शन करती हैं। रुचि की सलाह और सुझाव जहां अवसाद में आए लोगों को जिंदगी दे रही है वहीं कई लोगों के मुरझाए चेहरों पर खुशी देखकर उनको भी संतोष का अनुभव होता है। रुचि मानती हैं कि व्यस्तता सबके जीवन में है लेकिन परिवार के अलावा समाज के लिए भी कुछ करने की जिम्मेदारी हम आपकी भी है। अभी भी हमारे समाज में अवसाद को लेकर लोग चर्चा करने से बचते है। जबकि, इससे ग्रसित इंसान को इसकी जद से जल्द बाहर लाया जा सकता है। बशर्ते उसकी बातें प्रभावशाली हो ताकि वो दूसरे व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक बन सकें।

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