Monthly Archive: June 2019

0

दारुल उलूम देवबंद का काम क्या सिर्फ फतवे जारी करना है

दारुल उलूम देवबंद के फतवे के अनुसार ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मनाही है. ईद पर गले मिलना- इस्लाम की नजर में अच्छा नहीं है. दारूल उलूम देवबंद अपने विवादित फतवों के लिए...

0

आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ : भाग 3

संघर्ष की भूमिगत सञ्चालन व्यवस्था प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गाँधी द्वारा 25 जून 1975 को समूचे देश में थोपा गया आपातकाल एक तरफा सरकारी अत्याचारों  का पर्याय बन गया। इस सत्ता प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त...

0

“मैं युद्ध भूमि छोड़कर नहीं जाऊंगी, इस युद्ध में मुझे विजय अथवा मृत्यु में से एक चाहिए” – रानी दुर्गावती

अकबर ने वर्ष 1563 में आसफ खान नामक बलाढ्य सेनानी को गोंडवाना पर आक्रमण करने भेज दिया. यह समाचार मिलते ही रानी दुर्गावती ने अपनी व्यूहरचना आरंभ कर दी. सर्वप्रथम अपने विश्वसनीय दूतों द्वारा...

0

23 जून / बलिदान दिवस – डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी

छह जुलाई, 1901 को कोलकाता में श्री आशुतोष मुखर्जी एवं योगमाया देवी के घर में जन्मे डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को दो कारणों से सदा याद किया जाता है. पहला तो यह कि वे योग्य पिता के...

0

आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ – भाग 2

सत्ता प्रायोजित आतंकवाद इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा सजा मिलने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपने राजनीतिक अस्तित्व और सत्ता को बचाने के उद्देश्य से जब 25 जून 1975 को रात के 12 बजे...

0

आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 में उस समय एक काला अध्याय जुड़ गया, जब देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं, राजनीतिक शिष्टाचार तथा सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर मात्र अपना...

0

योग के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भारत का गौरव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा के बाद योग को अपनाने वालों की संख्या समूचे विश्व में बढ़ी है। यदि हम उस संख्या को भारत-भाव से जोड़कर रखने में सफल रहे तो विश्व में परिवारभाव...

0

डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय दृष्टि जागृत कर समाज को संगठित करने का कार्य शुरू किया

संघ संस्थापक के व्यक्तित्व को समझे बिना संघ को समझना संभव नहीं चुनाव के समय भारत में युद्ध सी स्थिति दिख रही थी. अब सारी धूल बैठने के बाद चित्र स्पष्ट हो गया है....

0

आर्ट ऑफ लिविंग की प्रेरणा से नदी को पुनर्जीवित करने में जुटी 20 हजार महिलाएं

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले की महिलाओं ने सालों से सूखी पड़ी एक नदी को फिर से जिंदा करने का कार्य शुरु किया है. और संभावना है कि हजारों महिलाओं का प्रयास सफल होगा. देश...

0

सपा सांसद शफीकुर्ररहमान ने वन्दे मातरम का लोकसभा में किया विरोध

बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर मुसलमानों ने अभी भी बहस छेड़ रखी है. मज़हबी लोगों को डर है कि इस राष्ट्रगीत के उच्चारण मात्र से उनका इस्लाम खतरे में...