Category: आलेख

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अयोध्या – काश! बाबरी ढांचे का सच मुसलमानों को बताया होता ……

अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आ चुका है. पूरे देश को इस निर्णय का इंतजार था. सर्वोच्च न्यायालय ने रामलला के पक्ष में फैसला दिया है. अयोध्या का मामला अदालत के बाहर...

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अयोध्या मामला : कितनी ही बार अदालत में झूठे साबित हुए वामपंथी बुद्धिजीवी

जब सच से सामना होता है तो झूठ के पैर कांपने लगते हैं.वामपंथी बुद्धिजीवी न जाने कितनी बार अदालत में झूठे साबित हुए फिर भी वे वहां राम मंदिर न होने का दावा करते...

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अयोध्या – वामपंथी झूठ की कालिख से रंगे पन्ने और चेहरे

तीन दशकों तक जाली प्रमाण, बोगस बातें और झूठ के पुलिंदों के सहारे मंदिर के अकाट्य प्रमाणों को झुठलाने की कोशिश की गई. अदालत में झूठे साबित होते रहे, पर बाहर वही झूठ दोहराते...

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विजयादशमी पर विशेष – राष्ट्र जागरण के अग्रिम मोर्चे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

वर्तमान राजनीतिक परिवर्तन के फलस्वरूप हमारा भारत ‘नए भारत’ के गौरवशाली स्वरूप की और बढ़ रहा है. गत् 1200 वर्षों की परतंत्रता के कालखण्ड में भारत और भारतीयता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व...

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कश्मीर : अतीत से आज तक – अंतिम भाग

भावी स्वर्णिम कश्मीर पाकिस्तान प्रेरित मजहबी आतंकवाद को जन्म और संरक्षण देकर कश्मीर को भारत की मुख्य राष्ट्रीय धारा से काटने वाली अलगाववादी व्यवस्था समाप्त हो गई है. भारतीय सविधान के अस्थाई अनुच्छेद 370...

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कश्मीर : अतीत से आज तक – भाग दो

वीरव्रती दिग्विजयी कश्मीर नरेन्द्र सहगल हम सभी भारतीयों को कश्मीर की गौरवमयी क्षात्र परंपरा और अजय शक्ति पर गर्व है. विश्व में मस्तक ऊंचा करके 4000 वर्षों तक स्वाभिमान पूर्वक स्वतंत्रता का भोग कश्मीर ने अपने बाहुबल...

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कश्मीर : अतीत से आज तक – भाग तीन

नरेंद्र सहगल कट्टरपंथी धर्मान्तरित कश्मीर सारे देश में चलती धर्मान्तरण की खूनी आंधी की तरह ही कश्मीर में भी विदेशों से आए हमलावरों की एक लंबी कतार ने तलवार के जोर पर हिन्दुओं को...

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कश्मीर : अतीत से आज तक – भाग एक

धर्म – रक्षक आध्यात्मिक कश्मीर नरेन्द्र सहगल पिछले अनेक वर्षों से मजहबी कट्टरपन, भारत विरोध और हिंसक जिहाद के संस्कारों में पल कर बड़ी हुई कश्मीर घाटी की युवा पीढ़ी को भारत की मुख्य...

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कश्मीर की स्वतंत्रता और संस्कृति का रक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

नरेंद्र सहगल भारत की सर्वांग स्वतंत्रता, सुरक्षा एवं विकास के ध्येय के साथ आगे बढ़ रहे संघ के स्वयंसेवकों ने जम्मू-कश्मीर की रक्षा, भारत में विलय, अनुच्छेद 370 तथा 35/ए  का विरोध, भारतीय सेना...

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The Caravan, तुलसी गेबार्ड और संघ

दिल्ली से एक मासिक पत्रिका निकलती है – The Caravan. चंपक, सरिता, मुक्ता, गृहशोभा प्रकाशित करने वाली ‘दिल्ली प्रेस’ की यह पत्रिका सन 1988 में बंद हो गयी थी. लेकिन 2009 में इसे मजबूत...