Category: आलेख

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गुरु पूर्णिमा 16 जुलाई पर विशेष (भाग-2)

-संघ, स्वयंसेवक और श्री गुरुदक्षिणा -अपने पांव पर मजबूती से खड़ा है विश्व का सबसे बड़ा संगठन जयपुर (विसंकें)। भारतवर्ष के सम्पूर्ण राष्ट्रजीवन के प्रतीक, भगवान भास्कर के उदय की प्रथम रणभेरी, भारतीय संस्कृति...

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गुरु पूर्णिमा 16 जुलाई पर विशेष – (भाग-1)

संघ, राष्ट्र और भगवा ध्वज समस्त संसार में भारतवर्ष ही एकमात्र ऐसा सनातन राष्ट्र है जिसमें गुरु शिष्य की महान एवं अतुलनीय परम्परा को जन्म दिया है। शिक्षण संस्थाओं में छात्रों को पढ़ाने वाले अध्यापक, प्राध्यापक, शिक्षक, व्यापार...

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04 जुलाई – तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा का उद्घोष गूंजा

सामान्य धारणा यह है कि आजाद हिन्द फौज और आजाद हिन्द सरकार की स्थापना नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने जापान में की थी. पर, इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध के बाद अफगानिस्तान में महान क्रान्तिकारी...

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भारतीय ज्ञान का खजाना – १

पंचमहाभूतों के मंदिरों का रहस्य..! इस लेखमाला, अर्थात् ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ का उद्देश्य है कि हमारे देश में छिपी हुई अनेक अदभुत एवं ज्ञानपूर्ण बातों को जनता के सामने लाना. इस पुस्तक का...

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दारुल उलूम देवबंद का काम क्या सिर्फ फतवे जारी करना है

दारुल उलूम देवबंद के फतवे के अनुसार ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मनाही है. ईद पर गले मिलना- इस्लाम की नजर में अच्छा नहीं है. दारूल उलूम देवबंद अपने विवादित फतवों के लिए...

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आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ : भाग 3

संघर्ष की भूमिगत सञ्चालन व्यवस्था प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गाँधी द्वारा 25 जून 1975 को समूचे देश में थोपा गया आपातकाल एक तरफा सरकारी अत्याचारों  का पर्याय बन गया। इस सत्ता प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त...

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आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ – भाग 2

सत्ता प्रायोजित आतंकवाद इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा सजा मिलने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपने राजनीतिक अस्तित्व और सत्ता को बचाने के उद्देश्य से जब 25 जून 1975 को रात के 12 बजे...

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आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 में उस समय एक काला अध्याय जुड़ गया, जब देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं, राजनीतिक शिष्टाचार तथा सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर मात्र अपना...

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योग के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भारत का गौरव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा के बाद योग को अपनाने वालों की संख्या समूचे विश्व में बढ़ी है। यदि हम उस संख्या को भारत-भाव से जोड़कर रखने में सफल रहे तो विश्व में परिवारभाव...

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डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय दृष्टि जागृत कर समाज को संगठित करने का कार्य शुरू किया

संघ संस्थापक के व्यक्तित्व को समझे बिना संघ को समझना संभव नहीं चुनाव के समय भारत में युद्ध सी स्थिति दिख रही थी. अब सारी धूल बैठने के बाद चित्र स्पष्ट हो गया है....