Category: इतिहास-स्मृति

महारानी कर्मवती के नेतृत्व में 13000 विरांगनाओ ने चित्तौड़ का दूसरा जौहर किया - 8 मार्च 1535 इतिहास-स्मृति 0

महारानी कर्मवती के नेतृत्व में 13000 विरांगनाओ ने चित्तौड़ का दूसरा जौहर किया – 8 मार्च 1535 इतिहास-स्मृति

महारानी कर्मवती के नेतृत्व में 13000 विरांगनाओ ने चित्तौड़ का दूसरा जौहर किया – 8 मार्च 1535 इतिहास-स्मृति मेवाड़ के कीर्तिपुरुष महाराणा कुम्भा के वंश में पृथ्वीराज, संग्राम सिंह, भोजराज और रतनसिंह जैसे वीर योद्धा...

पालखेड़ का ऐतिहासिक संग्राम – 25 फरवरी इतिहास-स्मृति 0

पालखेड़ का ऐतिहासिक संग्राम – 25 फरवरी इतिहास-स्मृति

पालखेड़ का ऐतिहासिक संग्राम – 25 फरवरी इतिहास-स्मृति द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध सेनानायक फील्ड मार्शल मांटगुमरी ने युद्धशास्त्र पर आधारित अपनी पुस्तक ‘ए कन्साइस हिस्ट्री ऑफ़ वारफेयर’ में  विश्व के सात प्रमुख युद्धों की...

गढ़ आया, पर सिंह गया _ 4 फरवरी इतिहास-स्मृति 0

गढ़ आया, पर सिंह गया _ 4 फरवरी इतिहास-स्मृति

गढ़ आया, पर सिंह गया _ 4 फरवरी इतिहास-स्मृति सिंहगढ़ का नाम आते ही छत्रपति शिवाजी के वीर सेनानी तानाजी मालसुरे की याद आती है। तानाजी ने उस दुर्गम कोण्डाणा दुर्ग को जीता, जो...

युवा क्रांतिवीर अनंत कान्हरे 0

युवा क्रांतिवीर अनंत कान्हरे द्वारा जैक्सन का वध – 21 दिसम्बर/इतिहास-स्मृति

अनंत कान्हरे द्वारा जैक्सन का वध – 21 दिसम्बर/इतिहास-स्मृति अंग्रेज शासन में कुछ अधिकारी छोटी-छोटी बात पर बड़ी सजाएं देकर समाज में आतंक फैला रहे थे। इस प्रकार वे कोलकाता, दिल्ली और लंदन में बैठे...

विजय दिवस 0

“विजय दिवस” इस ऐतिहासिक जीत को खुशी आज भी हर देशवासी के मन को उमंग से भर देती है

16 दिसम्बर -विजय दिवस 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के कारण मनाया जाता है। इस युद्ध में 93,000 पाकिस्तानी सेना नेआत्मसमर्पण किया। साल 1971 के युद्ध में भारत ने पाकिस्‍तान...

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वीर बालिकाओं ने अपनी युवावस्था के सपनों की बलि देकर क्रांतिवीरों से हो रहे अपमान का बदला लिया

क्रांतिकारी बालिका शान्ति घोष व सुनीति चौधरी – 14 दिसम्बर/इतिहास-स्मृति आजकल त्रिपुरा भारत का एक अलग राज्य है; पर उन दिनों वह बंगाल का एक जिला तथा उसका मुख्यालय कोमिल्ला था। वहां के क्रूर जिलाधीश...

श्रीराम जन्मभूमि (अयोध्या) 0

राष्ट्रीय कलंक का परिमार्जन – 6 दिसम्बर/इतिहास-स्मृति

भारत में विधर्मी आक्रमणकारियों ने बड़ी संख्या में हिन्दू मन्दिरों का विध्वंस किया। स्वतन्त्रता के बाद सरकार ने मुस्लिम वोटों के लालच में ऐसी मस्जिदों, मजारों आदि को बना रहने दिया। इनमें से श्रीराम...