Category: फिल्म समीक्षा

फिल्म समीक्षा – मुल्क 2

फिल्म समीक्षा – मुल्क

 इस्लाम का असली चेहरा छिपा मुखौटा दिखाती फिल्म है मुल्क। वकील मुराद अली मुहम्मद (ऋषि कपूर) का भतीजा शाहिद (प्रतीक बब्बर) जिहाद करने निकलता है और एक बस में बम विस्फोट कर 16 लोगों...

वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स – समीक्षा 0

वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स – समीक्षा

 सेक्रेड गेम्स यानि पवित्र (धार्मिक) खेल। विक्रम चन्द्रा के लिखे 1000 पन्नों के उपन्यास में मुम्बई के अपराध जगत, पुलिस, सिने जगत, राजनेता और धर्मगुरूओं के गठजोड़ की कहानी है। जिस पर स्ट्रीमिंग टेक्नोलॉजी...

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फिल्म समीक्षा – परमाणु

‘‘परमाणु’’ जैसी फिल्म बनाने वाले निर्माता को हमारा सेल्यूट। किसी भी देश का इतिहास विदेशी आक्रान्ताओं का नहीं, बल्कि निवासियों की सभ्यता-सांस्कृति और आध्यात्मिक यात्रा का होता है। अपने देश के प्रति प्रेम और...

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फिल्म समीक्षा – राजी

मुम्बई फिल्म इण्डस्ट्री में काम करने वाली युवा पीढ़ी शिक्षित है, अतः अच्छे विषयों पर शोध करके फिल्में बनाई जा रही है। शिक्षित व जागरूक दर्शक वाकई प्रभाव छोड़ने वाली फिल्में हाथो हाथ स्वीकार...

हकीकत बताएगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर बनी फिल्म -1946 कलकत्ता किलिंग्स 0

हकीकत बताएगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर बनी फिल्म -1946 कलकत्ता किलिंग्स

        केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने ‘1946 कलकत्ता किलिंग्स’ नामक फिल्म को दी मंजूरी         हिंदी और बांग्ला भाषा में बनी फिल्म 14 अप्रैल को देश भर के सिनेमाघरों में होगी रिलीज...

फिल्म समीक्षा  – रेड 0

फिल्म समीक्षा – रेड

आर्थिक अपराध ऐसा विषय है, जो सदा ही ससामयिक बना रहता है। वर्तमान में भी पुरानी सरकारों और बैंक घोटालों से देश हिला हुआ है। ऐसे में फिल्म रेड सही समय पर आयी है।...

फिल्म समीक्षा – सोनू के टीटू की स्वीटी 0

फिल्म समीक्षा – सोनू के टीटू की स्वीटी

विवाह पूर्व यौन सम्बन्ध, शराब, सम्बन्धों और रिश्तों को अपनी समझ व सुविधा से परिभाषित करना। फूहड़ता और नैतिकता के गिरते मापदण्ड। इस फिल्म के सम्बन्ध में और क्या बात कही जाये? आज की...

चित्र भारती फिल्मोत्सव – प्रत्यक्ष अनुभव 0

चित्र भारती फिल्मोत्सव – प्रत्यक्ष अनुभव

भारतीय चित्र साधना संस्था द्वारा चित्र भारती फिल्मोत्सव का आयोजन 19-21 फरवरी 2018, विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के सैकड़ों युवाओं से भरपूर सिरी फोर्ट अॉडिटोरियम दिल्ली में किया गया, जिसके प्रत्यक्ष अनुभव का आस्वादन...

फिल्म समीक्षा-पैडमैन 0

फिल्म समीक्षा-पैडमैन

अक्सर प्रश्न उठाया जाता है कि भारतीय सिनेमा में भारत के दर्शन तो कहीं होते ही नहीं है। किन्तु अब समय बदल रहा है। भारत के गाँव-कस्बे से जुड़े सच और समस्याओं के चित्रण...

फिल्म ‘‘टाॅयलेट एक प्रेम कथा’’ 0

राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को सन्दर्भ बनाकर बनी फिल्म, ‘‘टाॅयलेट एक प्रेम कथा’’

राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को सन्दर्भ बनाकर, ‘‘टाॅयलेट एक प्रेम कथा’’ फिल्म बनायी गयी है। जो कि एक ठण्डे और ताजी हवा के झौंके जैसी लगती है। इस फिल्म की कहानी में एक नवविवाहिता कुछ...