Category: vichar

unnamed (12) 0

पाकिस्तान: एक मिथक!

अन्तर्राष्ट्रीय मन्च पर पाकिस्तान एक मान्यता प्राप्त राष्ट्र है, किन्तु व्यवहार में यह भू-भाग पूर्णतः अराजक क्षेत्र है। भीतर तथा बाहर दोनों ही मन्चों पर पाकिस्तान का बर्ताव एक राष्ट्र जैसा नहीं है। इन...

1391600312_ranidurgavati 0

जब मुगल सेना पर टूट पडी रानी दुर्गावती

24 जून—रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस आज महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं। बांदा जिले के कालिंजर किले में 5 अक्टूबर 1524 ईसवी की दुर्गाष्टमी पर जन्म होने के...

th 0

‘सो चादर…दास कबीरा जतन कर ओढी ज्यों की त्यों धर दीनी…’

ज्येष्ठ पूर्णिमा—कबीर जयंती पर विशेष कबीर वास्तव में श्रेष्ठ कवि, प्रखर समाज सुधारक एवं सामाजिक समरसता के सच्चे समर्थक थे। उनका जन्म सन् 1398 में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन वाराणसी के निकट लहराता नामक...

images 1

क्या आरएसएस देश में आतंकवाद फैला रहा है?

 भगवा आतंकवाद जैसे शब्द मूलतः कांग्रेस की देन है। इन शब्दों का प्रयोग सर्वप्रथम 2002 में फ्रंटलाइन पत्रिका में छपे एक लेख में किया गया था। 29 सिम्बर 2008 में मालेगॉंव में हुए बम विस्फोट...

download 0

पढ़े-लिखों का जिहाद

जिहादी इस्लाम और जिहादी आतंकवाद अशिक्षा का परिणाम नहीं बल्कि कट्टरपंथ की लगातार खुराकका परिणाम है, जो गैर मुस्लिमों के विरुद्ध नफ़रत और खून की प्यास से भरे जंगजुओं का उत्पादन औद्योगिक स्तर पर...

babasaheb_ambedkar_thumb 0

सामाजिक समरसता के समर्थक थे डाॅ.अंबेडकर

हिन्दू तत्व पुरोधा डाॅ.भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस पर विशेष वास्तव में डाॅ.भीमराव अंबेडकर हिन्दू तत्व के पुरोधा, सामाजिक समरसता के अग्रदूत, प्रख्यात समाज-सुधारक, विधिवेता एवं भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे। डाॅ. अंबेडकर...

13286726643_35eb39b642_b 0

जानिए कहां से आया ‘भारत माता की जय’?

“भारत माता की जय’ के नारे पर लगातार विवादास्पद बयान रहे हैं। जानते हैं कभी आजादी की लड़ाई में जोश भर देने वाला यह जयघोष आया कहां से था-पहली बार 1873 में आया था...

mahatma-jyotiba-phule-710x360 0

समरस समाज के पुरोधा थे महात्मा ज्योतिबा फुले

(महात्मा ज्योतिबा फुले के जन्म दिवस पर विशेष) महात्मा ज्योतिबा फुले बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनकी गिनती देश के प्रख्यात समाज सुधारक, प्रखर विचारक, लेखक एवं समता के संदेशवाहकों में होती है। 11...

मैं ‘भारत माता की जय‘ कहता रहूंगा 0

मैं ‘भारत माता की जय‘ कहता रहूंगा

‘भारत माता की जय‘ कहना है अथवा नहीं, इसको लेकर ओवैसी द्वारा दिखाया गया जनुकीय उलझाव और  देश के मानचिन्ह सम्मान के लिए नहीं अपितु मखौल उड़ाने के लिए है, इस तरह का ज्ञान...

संघ के बारे में श्री तवलीन सिंह के विचार 0

संघ के बारे में श्री तवलीन सिंह के विचार

तवलीन सिंह जी का स्तम्भ (कॉलम) इंडियन एक्सप्रेस 20,मार्च ,2016 हिंदुत्व और जिहाद दोनों की तुलनात्मक विश्लेषण करते करते संघ के ऊपर आगयी।वैसे कोई भी popular organisation की जिम्मेदारी अनेक विधि से मूल्यांकित की...