अयोध्या में ही बनेगा राममंदिरः मोहन भागवत

जयपुर (विसंकें)। भगवान राम हमारी आस्था के केंद्र हैं। भगवान राम का भव्य मंदिर अयोध्या में ही बनेगा। भगवान राम राष्ट्रीय महापुरुष हैं। आठ हजार साल बाद भी आज हम उनका अनुशरण करते हैं, उनका अनुभव करते हैं। अयोध्या में राम मंदिर बनेगा तो सम्पूर्ण विश्व को मर्यादा सिखाने वाला भारत खड़ा होगा। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से 18 किलोमीटर दूर सिहोरामाल में 51 फीट ऊंची भगवान शंकर की मूर्ति के लिए भूमिपूजन के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर इसलिए बनना चाहिए, क्योंकि आठ हजार साल बाद भी लोगों के मन में भगवान राम के प्रति आस्था है। हम अपने ही लोगों की तारीफ नहीं करते हैं। जब लोगों को पता चला कि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा गीता रखते हैं तो लोग खुश होते हैं, लेकिन घर में रखी गीता के पन्ने नहीं पलटते हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश काटने के हम कट्टर विरोधी है। गाय काटने की समस्या का निदान सिर्फ एक ही है कि हम गौवंश की रक्षा करे। गौवंश रक्षा की परंपरा हमारी श्री हेडगेवार जी के समय से है और हम इसे आगे भी निभाएंगे। मैं पशुओं का डाक्टर हूं, इसलिए मैं आधुनिक पशु विज्ञान के जरिए कह सकता हूँ कि हमारे देश की गाय आज विदेशों में है, जिनकी नस्लों से दुग्ध उत्पादन बेहतर हो रहा है। संघ प्रमुख ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा कैसी दी जाए, यह हमें फिनलैंड से सीखना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को पहली से चैथी तक कक्षा में नहीं बैठने देते, बल्कि बाहर ले जाते हैं। पांचवीं से आठवीं तक पचास फीसद थ्योरी और पचास फीसद प्रैक्टिकल सिखाया जाता है। यही नहीं, बाहर से आने वाले बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाया जाता है, क्योंकि मातृ भाषा से ही बच्चे का विकास होता है। इस तरह की शिक्षा पद्धति से सीखने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान शिवाजी के 13वें वंशज मघोजी भोंसले भी मौजूद थे।

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