देश को मिला पहला राष्ट्रीय युद्ध स्मारक

स्मारक में अभी तक लड़े गए सभी युद्धों की शौर्य गाथा

war_memorial_pib_750_1551103480_618x347जयपुर (विसंके). राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक औपचारिक समारोह के दौरान देश को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इंडिया गेट पर मौजूद रहे। उद्घाटन से पहले सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका उद्घाटन किया और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। युद्ध स्मारक के निर्माण का प्रस्ताव 60 वर्षों से कागज की धूल फांक रहा था, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्मारक निर्माण के प्रस्ताव को चार साल पहले स्वीकृति प्रदान की और आज यह स्मारक देश को समर्पित किया. विश्व के बड़े देशों में सिर्फ भारत में ही अब तक युद्ध स्मारक का निर्माण नहीं हुआ था. अंग्रेजों ने प्रथम विश्व युद्ध में बलिदानी भारतीयों की स्मृति में 1931 में इंडिया गेट का निर्माण करवाया था. तथा 1971 के युद्ध में शहीद हुए 3843 सैनिकों के सम्मान में अमर जवान ज्योति का निर्माण 1972 में करवाया गया था.

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दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वार मेमोरियल) 40 एकड़ भूमि पर बना है और इसे बनाने पर 500 करोड़ रुपए की लागत आई है. स्मारक को देश की सुरक्षा में बलिदान होने वाले 25,942 वीर जवानों की स्मृति में बनाया गया है. छह भुजाओं वाले आकार में बने स्मारक के मध्य में एक स्मृति स्तम्भ बनाया गया है जो 15.5 मीटर ऊँचा है. स्मारक में भित्ति चित्र, ग्राफिक पैनल, बलिदानी सैनिकों के नाम और 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्तियाँ बनाई गई हैं. स्मारक चार चक्रों पर केन्द्रित है – अमर चक्र, त्याग चक्र, वीरता चक्र, रक्षक चक्र, इसमें थल सेना, वायु सेना, और नोसेना के बलिदानी जवानों को श्रद्धांजलि दी गई है. रविवार की शाम को सैन्य बैंड सहित जवानों ने नेशनल वार मेमोरियल में वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रीय युद्ध स्मारक उन सैनिकों का भी स्मरण कराता है, जिन्होंने शंतिवाहिनी मिशनों और अराजकता विरोधी अभियानों में सर्वोच्च बलिदान दिया था.

स्मारक के बारे में संक्षिप्त जानकारी

  • स्मारक में प्रवेश निशुल्क रहेगा
  • इसमें चार चक्र आकर्षण का केंद्र हैं
  • जल, थल और वायु सेना के बलिदानियों के नाम एक साथ
  • अमर चक्र के मध्य में स्थित 5 मीटर ऊंचा स्मृति स्तंभ
  • वीरता चक्र- 6 कांस्य-पत्रों पर दर्शाए गए भिन्न युद्धकाल
  • त्याग चक्र- स्वतंत्रता के बाद से अब तक हर बलिदानी के नाम की शिला
  • रक्षक चक्र- देश की रक्षा करने वाले वीरों का प्रतिनिधित्व करती दीवार
  • 21 परमवीर चक्र विजेताओं की अर्धप्रतिमा परम योद्धा स्टाल पर लगाई गई है, तीन जीवित पुरस्कार विजेताओं सूबेदार (मानद कैप्टन) बाना सिंह (सेवानिवृत), सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव और सूबेदार संजय कुमार शामिल हैं
  • 690 पेड़ों के साथ सुरक्षा चक्र भी दिखेगा
  • हर शाम सैन्य बैंड के साथ बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी
  • इंडिया गेट की तरह मेमोरियल में भी होगी अमर ज्योति
  • हर सप्ताह शाम को लोग चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी कार्यक्रम देख सकेंगे
  • स्मारक के चारों तरफ सफेद दूधिया लाइट्स भी लगाई गई हैं
  • राष्ट्रीय युद्ध स्मारक वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कृतज्ञ राष्ट्र की सामूहिक आकांक्षा की परिणति का प्रतिनिधित्व करता है

 

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