नौकरी मांगने की अपेक्षा नौकरी देने वाले बनेंगे, तभी आंबेडकर और गांधी का सपना होगा पूरा – आलोक कुमार जी

वीर लाला लाजपत राय द्वारा स्थापित पंजाब नेशनल बैंक के ऋण वितरण समारोह में बैंक के वरिष्ठ अधिकारी खड़े हैं और दिल्ली के स्लम व जे.जे क्लस्टर के निवासी कुर्सी पर बैठे हैं, यह अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेशनल सेंटर में हो रहे समारोह की सफलता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रांत सह संघचालक आलोक कुमार जी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत पंजाब नेशनल बैंक के ऋण वितरण समारोह में संबोधित किया. उन्होंने कहा कि वोट देने से राजनीतिक समानता आती है, लेकिन राजनीतिक समानता से समरसता नहीं आती. आर्थिक समानता, शैक्षणिक समानता और प्रत्येक मनुष्य की गरिमा भी आवश्यक है समाजिक समरसता के लिए. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लक्ष्य ही यही है कि नौकरी मांगने की अपेक्षा हम नौकरी देने वाले बनेंगे, तभी बाबा साहेब आंबेडकर और महात्मा गांधी का सपना पूरा होगा.

केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत जी ने कहा कि व्यक्ति स्वावलंबी बने, स्वयं नौकरी के लिए भटकने से अच्छा है, वह इस योजना का लाभ लेकर स्वयं का उद्यम स्थापित करके अपने साथ 4 और लोगों को रोजगार दे. उत्पादन कार्य ही देश के विकास के लिए सहायक है. उद्यम स्थापित करके अपना विकास उसके साथ समाज और देश का विकास होगा और मान सम्मान भी बढ़ेगा. उन्होंने बैंक अधिकारियों को कहा कि बैंक का व्यवहार और कार्यप्रणाली मानवीय और व्यवहारिक होनी चाहिए.

समारोह में दिल्ली के 511 लोगों को पंजाब नेशनल बैंक द्वारा अपने उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा दी गई है. देश भर में 1.5 लाख लोगों का योजना के तहत कौशल विकास किया गया और 7.5 लाख लोगों को उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई गई, जिसमें गारंटी तथा प्रापर्टी गिरवी रखना आवश्यक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश के.जी. बालाकृष्णन जी ने कहा कि यह योजना जे.जे. क्लस्टर क्षेत्र के निवासियों को स्वावलम्बी बनाने के लिए शुरु की गई है.

पंजाब नेशनल बैंक के निदेशक महेश बाबू गुप्ता जी ने कहा कि किसी भी देश की उन्नति बैंकों के बिना सम्भव नहीं. बैंक का पैसा लोगों का होता है सरकार का नहीं. सरकार इसमें सबसे बड़ी शेयर धारी होती है, इसलिए लोगों को लगता है कि बैंक सरकारी हैं. हाल में चर्चित हुए बैंक ऋण से सम्बंधित मामले से लोगों में उत्पन्न भ्रम को दूर करते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत में एक भी व्यक्ति का डिपोजिट डूब नहीं सकता, चाहे वह प्राइवेट बैंक ही क्यों न हों. जब तक सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक है देश का कोई बैंक फेल नहीं हो सकता.

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