मिशनरीज ऑफ चैरिटी के गोरखधंधों की पोल खुलने लगी

राँची के पूर्वी जेल मार्ग के पास स्थित मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की शाखा में कुँवारी लड़कियों को माँ बनने के लिए प्रश्रय दिया जाता रहा है. अनब्याही युवतियों का प्रसव हो जाने के बाद उनके बच्चों को बेचा जाता रहा है.

रांची के मिशनरीज़ की चैरिटी ऐसे ही बच्चा बेचकर चलता रहा है. इस मामले में अणिमा इंदवार, सिस्टर कोनसीलिया और सिस्टर मेरिडियन गिरफ्तार हुई हैं. अणिमा इंदवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि सिस्टर कोनसीलिया और सिस्टर मेरिडियन को गिरफ्तार करके दोनों से अभी पूछताछ की जा रही है. अणिमा इंदवार और सिस्टर कोनसीलिया ने बच्चों को बेचने की बात स्वीकार कर ली है. थाना कोतवाली में अपना अपराध स्वीकार करते हुए कोनसीलिया ने कहा कि मैंने बच्चा बेचा है, मुझे माफ कर दिया जाए. सिस्टर मेरिडियन इस संस्था की हेड है. वह इस घटना से मुकरने का शातिर प्रयत्न कर रही हैं. कोलकाता स्थित चैरिटी मुख्यालय की प्रवक्ता का तो मानना है कि यह घटना ही सत्य नहीं हो सकती? उसके अनुसार यह घटना जानबूझकर बदनाम करने के लिए रची गई साजिश है. कई वर्षों से चल रहे गोरखधंधे का पता संस्था की हेड को न हो, यह हो ही नहीं सकता. यह संस्था के हेड की सहमति के बिना संचालित हो पाना संभव ही नहीं है. मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की नन द्वारा कुँवारी लड़कियों का प्रसव कराने और उनके बच्चों को बेचने के मामले में 2014 में भी cwc को शिकायत मिली थी. स्पेशल ब्रांच ने भी 2016 में इन संगठनों के खिलाफ रिपोर्ट दी थी. लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. 2016 में ही इस चैरिटी होम में 108 गर्भवती युवतियां थीं, किन्तु उस वर्ष संस्था ने मात्र 10 बच्चों का अडॉप्शन दिखाया? शेष 98 का कोई सुराग नहीं? इस मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की स्थापना मदर टेरेसा ने की थी.

अब धीरे धीरे इन गिरोहों के चेहरे से नकाब हट रहा है तो चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने अणिमा इंदवार, सिस्टर कोनसिलिया और सिस्टर मेरिडियन के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करवाई है. इनके खिलाफ झारखंड पुलिस की एन्टी ह्यूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट ने एक्शन लिया है. पूछताछ में अणिमा ने स्वीकार किया है कि उसने सिस्टर्स के साथ मिलकर एक अविवाहित गर्भवती लड़की के नवजात बच्चे को उत्तरप्रदेश के एक दंपत्ति को बेचा है. अणिमा ने यह भी कहा है कि उन तीनों ने मिलकर आधा दर्जन से अधिक बच्चों को बेचा है.

मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की निर्मल हृदय नाम की इस इकाई ने अपने काले धंधे के तहत वहाँ अनेक लड़कियों को रखा हुआ था, अभी CWC ने वहाँ से 13 अविवाहित गर्भवती लड़कियों को सुरक्षित निकाला है. ये सभी 13 लड़कियाँ नाबालिग हैं. इन सभी को नामकुम महिला होस्टल में रखा गया है. इनमें एक 13 वर्ष की अविवाहित नाबालिग गर्भवती लड़की की डिलीवरी हो चुकी है. दो अन्य नाबालिग गर्भवती लड़कियाँ सदर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती हैं.

सिस्टर कोनसीलिया ने माना कि बच्चों को कांटाटोली, मोरहाबादी, सिमडेगा और यूपी में बेचा गया है. अभी इसके बारे में सिस्टर कोनसीलिया और सिस्टर मेरिडियन दोनों से सिटी एसपी अमन कुमार और कोतवाली डीएसपी भोला प्रताप सिंह पूछताछ कर रहे हैं. इन दोनों ने माना है कि यूपी के दंपति को बच्चा एक लाख बीस हजार में बेचा है. इसमें से 32 हजार रुपए अणिमा ने लिए थे और लगभग 90 हजार रुपये कोनसीलिया ने रखे थे.

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