सरसंघचालक जी की उपस्थिति में ‘हम करें राष्ट्र आराधन’ महानाट्य की भव्य प्रस्तुति

hum-karen-rashtra-aradhan-300x200जयपुर,  (विसंकें) | राष्ट्रीय विचारों से ओत प्रोत विश्व स्तरीय भव्य नाट्य प्रस्तुति ‘हम करें राष्ट्र आराधन’ का मंचन श्री महालक्ष्मी प्रोडक्शन नागपुर के 40 कलाकारों द्वारा कवि कालिदास सभागृह, परसिस्टंट सिस्टम प्रा.लि. आईटी पार्क नागपुर में किया गया. नाट्य प्रस्तुति से पूर्व मंच पर राष्ट्रय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, नागपुर महानगर संघचालक राजेश जी लोया, परसिस्टंट सिस्टम प्रा.लि. के समीर बेंद्रे जी, लेखक अविनाश घांगरेकर जी उपस्थित थे.

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर भी महानाट्य का मंचन किया गया है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के उद्देश्य और उस समय की तात्कालिक परिस्थिति का सजीव चित्रण कलाकारों द्वारा किया गया. मंचन में बताया गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में नागपुर में विजयादशमी के पर्व पर डॉ. हेडगेवार तथा उनके सहयोगियों द्वारा की गई. महात्मा गांधी जी संघ के वर्धा शिविर में जाकर वहां समरसता के भाव से प्रभावित हुए और जाति बिरादरी के भेद के बिना कैसे सब स्वयंसेवक रहते हैं, ये साक्षात देखकर संघ की शाखा की समरसता के भाव से खुश हुए और तारीफ की, इस घटना का भी मंचन किया गया है. नाट्य में स्वतंत्रता के आंदोलन में संघ का योगदान, प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार जी एवं द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर ने स्वयंसेवकों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों पर संघ को गर्व होगा. स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयंसेवकों के बलिदान का कभी संघ ने प्रचार नहीं किया.

नाट्य का निर्देशन सुबोध सुर्जीकर जी एवं लेखन अविनाश घांगरेकर जी ने किया है.

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