‘सूरज’ पर सूर्यनमस्कार

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जयपुर 13 फरवरी।97c514a9-2269-421d-a73d-a6322aa9f0c6 क्रीडा भारती, राजस्थान की ओर से शनिवार को जयपुर स्थित सूरज मैदान पर ‘सामूहिक सूर्यनमस्कार’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सूर्यरथ सप्तमी पर हुये इस कार्यक्रम में आदर्श विद्या मंदिर, राजापार्क सहित शहर के दर्जनों विद्यालयों और महाविद्यालयों से आये सैकडों विद्यार्थियों ने पणव के ठेके पर एक साथ सूर्यनमस्कार किया। कार्यक्रम के अध्यक्षता गुरूवशिष्ठ पुरस्कार प्राप्त तीरंदाजी कोच कमलेश शर्मा ने की।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री कमलेश शर्मा ने कहा की सूर्य समस्त शक्तियों का स्रोत है, जिससे हमें प्राणशक्ति और ऊर्जा मिलती है। सूर्य की भांति सूर्यनमस्कार व्यक्ति को प्राणशक्ति व ऊर्जा प्रदान करता है। वह आंतरिक रूप से मजबूत बनाता है। यह कम 91380a1c-2fc3-41d7-a97e-721e981f9935जगह व समय में आसानी से किया जानेवाला सहज व्यायाम है, जिसे प्रत्येक आयुवर्ग का व्यक्ति सहजता से कर सकता है।  

पन्द्रह सौ संस्थान हिस्सा लेंगे

कार्यक्रम संयोजक रामानन्द चौधरी ने बताया कि सूर्यरथ सप्तमी पर क्रीडा भारती द्वारा राजस्थान में इस बार 13 से 15 फरवरी तक सामूहिक सूर्यनमस्कार कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे करीब पन्द्रह सौ संस्थानों से हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, खिलाडी व समाजबंधु शामिल होंगे और सूर्यनमस्कार करेंगे।

सूर्यनमस्कार पर एक नजर -व्यक्ति को काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह आदि मानसिक विकारों से बचाकर नर से नारायण तक पहुंचने की श्रेष्ठ सीढी है योग। योग से व्यक्ति उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त कर सकता है। आसन, प्राणायम सहित अष्टांग योगिक क्रियाओं का सार सूर्यनमस्कार है और यह सहज सुलभ पद्दति आज विश्वभर में लोकप्रिय हो रही है। योगऋषि स्वामी रामदेव ने कहा है कि सूर्यनमस्कार सम्पूर्ण व्यायाम है जिससे मनुष्य न केवल उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त कर सकता है बल्कि मन की शांति व स्थिरता को भी प्राप्त कर सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2009 से क्रीडा भारती सामूहिक सूर्यनमस्कार आयोजित करती आ रही है।

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