स्वामी टेऊँराम जन्मोत्सव का हवन, ध्वजावन्दन पल्लव के साथ समापन

  aaa (प्रेम प्रकाश आश्रम मार्ग का लोकार्पण भी हुआ)
अजमेर 18 जुलाई, वैशाली नगर स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम में पिछले पांच दिनों से चल रहे सत्गुरू स्वामी टेऊँराम महाराज के 132वें जन्मोत्सव का समापन अत्यन्त हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। यह जानकारी देते हुए आश्रम के संत ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम के 5वें दिन प्रातः 6.30 बजे श्री गुरू महाराज सत्गुरू स्वामी टेऊँराम जी महाराज व स्वामी बसंतराम जी महाराज व अन्य श्रीविग्रह (मूर्तियों) की पूजा हुई व 132 भोग लगाये गये एवं 132 दीपों के साथ महाआरती हुई । प्रातः 8 से विद्वान पण्डित कृष्ण कुमार व्यास जी महाराज के सानिध्य में पण्डितों द्वारा सर्वजन हिताय सर्व जन सुखाय की भावना के साथ वैदिक मन्त्रोचारण से हवन किया गया। पूर्णाहूति  के बाद 10 बजे शहनाई वादन के साथ सनातन धर्म का प्रतीक प्रेम प्रकाश ध्वज का ध्वजावन्दन ‘हम गीत सनातन गायेंगे नित झण्डा धर्म झुलायेंगें’ के साथ हुआ। 10.30 बजे प्रेम प्रकाश आश्रम मार्ग का लोकार्पण प्रेम प्रकाश मण्डल के मण्डलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज ने अपने कर कमलों द्वारा किया। इस समारोह में नगर निगम अजमेर के महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत, राजस्थान सिन्धी अकादमी के अध्यक्ष श्री हरीश राजानी, पार्षद श्री वीरेन्द्र वालिया, पार्षद श्री दीपेन्द्र लालवानी के साथ अन्य गणमान्य एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। सभी का स्वागत प्रेम प्रकाश आश्रम, वैशाली नगर के संत ओम प्रकाश जी ने किया। प्रेम प्रकाश मण्डल के मण्डलाचार्य भगत प्रकाश जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि प्रेम प्रकाश का अर्थ होता ही होता है सब ओर प्रेम का प्रकाश फैलाना। आज का नामकरण इसी नाम से हुआ है। मानव का स्वभाव ही होता है अनुकरण करना। जो सोचता है, उसी का अनुकरण करता है। इस तरह के मार्गों, स्थानों के नामकरण करने से समाज का हित ही होता है। इस वजह से इन स्थानों, मार्गों के नाम बार बार लेने से लोगों की मनोवृत्ति इस ओर जाती है तथा स्वस्थ विचाराधारा वाला समाज विकसित होता है। इसलिये ही प्रेम प्रकाश मार्ग का आज लोकार्पण किया गया। जिन लोगों ने भी इस पावन कार्य में सहयोग दिया है उनके लिये गुरूदेव के चरणों में प्रार्थना एवं आशीर्वाद, उसके बाद सत्गुरू स्वामी टेऊँराम जी महाराज द्वारा रचित श्री प्रेम प्रकाश ग्रन्थ के पाठ व श्रीमद् भगवद् गीता के पाठ का भोग हुआ तत्पश्चात आम भण्डारा हुआ।
सायंकालीन सत्संग सभा में अमरापुर दरबार, जयपुर द्वारा आयोजित सत्गुरू स्वामी टेऊँराम भजन स्मरण प्रतियोगिता में प्रथम हशू आसवानी, द्वितीय भगवान भगतानी एवं तृतीय रेणु जेठानी व हीना  रायसिंघानी विजेताओं को स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज द्वारा पुरस्कृत किया गया। जिसमें  बाद में संत ओमप्रकाश, कोटा के स्वामी मनोहरलाल, स्वामी ब्रह्मानन्द शास्त्री, प्रेम प्रकाश मण्डलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज क े प्रवचन हुए। जिनमें स्वामी टेऊँराम जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालकर सैकड़ों उपस्थित श्रद्धालुओं को स्वामी टेऊँराम जी महाराज के बताए रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। प्रेम प्रकाश मण्डल के मण्डलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज ने 1008 सत्गुरू स्वामी टेऊँराम जी महाराज की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी टेऊँराम जी महाराज का जीवन चरित्र अमर है, उन्होंने गुरू  की शरण में रहकर नाम स्मरण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। स्वासों रूपि खजाना जो परमेश्वर ने हमें बक्शा है,उसको ऐसे व्यर्थ न गवांओ। स्वास – स्वास से नाम जप करके उन स्वासों का सद्पुयोग करें तथा अपने मानव जीवन के लक्ष्य की ओर बढ़ें। ईश्वर की कृपा हम पर बरसेगी। हमारा लोक परलोक सुधरेगा। उसके बाद पल्लव (अरदास) पाकर उत्सव की समाप्ति की घोषणा के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
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