विविधता अपरिहार्य है इस सत्य को विश्व मानने को तैयार नहीं—मा.भागवत जी

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—जोधपुर में प.पू.सरसंघचालक जी
—जोधपुर महानगर के हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव को किया संबोधित
विसंकेजयपुर
जयपुर, 19 जून। ”विविधता अपरिहार्य है विश्व यह सत्य मानने को तैयार नहीं है। वह अपने मत के अलावा किसी को मानते नहीं है। उन्होंने हमारे पर युद्ध थोपे। हमने शिवाजी के नेतृत्व में इन परकीय आक्रमणों का सफल प्रतिकार किया। इस प्रयोग का अनुशरण अन्य राजाओं ने भी किया। 77 सालों तक स्पेन से साइबेरिया तक चली इस्लाम की आंधी को भारत में थमना पडा।” यह बात प.पू.सरसंघचालक मा.मोहनराव जी भागवत ने कही। वे रविवार को लालसागर जोधपुर में रा.स्वयंसेवक संघ, जोधपुर महानगर के हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव के दौरान उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे।
मा.भागवत जी ने कहा कि जिस प्रकार तेज धूप के बाद ठण्डी हवा का झोंका सकुन देता है उसी प्रकार पांच सौ सालों के कष्टों के बाद शिवाजी के शासन में सुख का अनुभव समाज ने किया। शिवाजी ने बिना भेदभाव के पारदर्शी शासन किया। समाज के अन्तोदय व्यक्ति का हित किया।final_bstSnapshot_992921

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