जेहादी तत्वों की गतिविधियों से सावधान रहने की जरूरत- डॉ. अग्रवाल

dsc00945 जयपुर, 26 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जयपुर के प्रांत संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि तमिलनाडु, केरल एवं कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में जेहादी तत्वों की हिंसात्मक गतिविधियां बढ़ी है, जो पूरे देश के लिए चिंता विषय है। इस हिंसा में विशेषकर हिन्दुओं और राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इससे हमें सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. अग्रवाल बुधवार को विश्व संवाद केन्द्र पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। पत्रकार वार्ता हैदराबाद (भाग्यनगर) में सम्पन्न हुई संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक की जानकारी देने के लिए बुलाई गई थी।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी के वक्तव्य के बारे में जानकारी दी। इसमें पिछले कुछ दिनों में पं. बंगाल, तमिलनाडु एवं कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में अतिवादी जेहादी तत्वों द्वारा की गई क्रूर सांप्रदायिक हिंसा की निंदा की गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के पांडालों को निशाना बनाया गया। हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचारों के कारण उन्हें पलायन को मजबूर होना पड़ रहा है। हिंसा फ़ैलाने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई तथा अतिवादी तत्वों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। इन जेहादी तत्वों के तार आईएसआई जैसे आतंकी संगठनों से भी जुड़े हो सकते हैं। संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 17,18,19 मार्च को कोयंकटूर तमिलनाडू में रहेगी।

उन्होंने कहा कि सालभर में संघ की तीन बडी बैठकें होती है। दीपावली से पहले अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल, मार्च में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा तथा जुलाई में प्रांत प्रचारक बैठक होती है। अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल बैठक में में सालभर विविध संगठनों के कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की योजना बनाई जाती है।

उन्होंने कहा कि बैठक में हरियाणा में जाट आंदोलन के बाद बढ़ी वैमनस्यता को समाप्त करने के लिए आयोजित सद्भावना सम्मेलन, अवध प्रांत में घटनायकों के शिकार और विजयदशमी सर संघचालक डॉ. मोहनराव भागवत के बौद्धिक पर देश के आठ बड़े शहरों में बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा जैसे कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई।

राष्ट्रवादी शक्तियों को निशाना

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि केरल में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार बनने के बाद हिंसा बढ़ गई है। राष्ट्रवादी शक्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार गठन के पांच माह बाद ही माकपा के असहिष्णुता पूर्ण हिंसक व्यवहार के कारण केरल सर्वाधिक अशांत दौर से गुजर रहा है। अपने से भिन्न विचारधारा के साथ माकपा कार्यकर्ता हिंसाचार कर रहे है। अखिल भारतीय विद्या र्थी परिषद, मजदूर संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याएं की जा रही है। यह सब शासन के प्रश्रय से हो रहा है। कार्यकारी मंडल ने केरल में हो रहे इस कृत्य की निंदा कर प्रस्ताव पारित किया है।

सबका निवारण एकात्म मानव दर्शन

उन्होंने बताया कि भौतिकता पर केन्द्रित जीवनदृष्टि के कारण परिवारों टूट रहे हैं। प्रकृति के अनियंत्रित शोषण से बढ़ते तापमान के कारण उभरती प्राकृतिक आपदाएं, समुद्र के जल स्तर में निरंतर वृद्धि, वायु-जल-मिट्टी का बढ़ता प्रदूषण, जल संकट, उपजाऊ भूमि का बंजर होते चले जाना और अनेक जीव-प्रजातियों आज विलुप्ती कगार पर है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विषमता, पर्यावरण-असंतुलन और आतंकवाद विश्व मानवता के लिए गंभीर चुनौती का कारण बन रहे हैं। पूंजीवाद व साम्यवादी विचारधाराओं को अपनाने के कारण ही विश्व में बेरोजगारी और  गरीबी बढ़ती जा रही है। इन सबका निवारण एकात्म मानव दर्शन के चिंतन के अनुरूप व्यक्ति से विश्व पर्यंत संपूर्ण जीव सृष्टि व उसके पारिस्थितिकी-तंत्र में पारस्परिक समन्वय से ही संभव है। इस विषय पर भी एक प्रस्ताव पारित कर विश्व समुदाय से इस दिशा में आगे बढ़ने की अपील की गई है।

प्रताप गौरव केन्द्र का उद्घाटन 28 नवंबर को

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहनराव भागवत 28 नवंबर को उदयपुर पर बन रहे प्रताप गौरव केन्द्र का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख महेन्द्र सिंहल ने प्रताप गौरव केन्द्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह दुनियां का अद्भुत ऐतिहासिक केन्द्र है। इससे नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास, शौर्य और पराक्रम की प्रेरणा मिलेगी और उनमें देशभक्ति जगेगी। पहाड़ी पर स्थापित इस केन्द्र पर महाराणा प्रताप की 57 फीट उंची और 40 टन वजनी अष्टधातु की प्रतिमा लगाई गई है। इसकी विभिन्न दीर्घाओं, भारतमाता मन्दिर, हल्दी घाटी युद्ध की झांकी लगाई गई है। राजस्थान गैलेरी में 24 महापुरुषों की झांकी है।

 

 

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