राष्ट्र सेविका समिति का अखिल भारतीय प्रेरणा शिविर दिल्ली में

sevika-samiti-300x201नई दिल्ली. राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना के 80 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर समिति द्वारा दिल्ली में अखिल भारतीय प्रेरणा शिविर का आयोजन किया जा रहा है. प्रेरणा शिविर का आयोजन 11, 12, 13 नवंबर 2016 को तेरापंथ भवन एवं अध्यात्म साधना केंद्र छत्तरपुर, नई दिल्ली में किया जा रहा है. प्रेरणा शिविर में देशभर से लगभग 2500 दायित्ववान सेविकाएं भाग लेंगी, जिसमें नगर, जिला कार्यकारिणी, विभाग कार्यकारिणी, प्रांत व अखिल भारतीय कार्यकारिणी स्तर के दायित्व वाली कार्यकर्ता उपस्थित रहने वाली हैं.

अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका एवं शिविर कार्यवाहिका अलका इनामदार जी ने दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रेरणा शिविर के बारे में जानकारी प्रदान की. उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए भी शारीरिक, बौद्धिक, मानसिक विकास का अवसर होना चाहिए, राष्ट्र के प्रति दायित्व के प्रति जागरूक होना चाहिए, इस उद्देश्य के निमित्त ही सन् 1936 में विजया दशमी के दिन आद्य संचालिका वंदनीया लक्ष्मीबाई केलकर (मौसी जी) जी ने राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना की थी.

उन्होंने बताया कि प्रेरणा शिविर के उद्घाटन अवसर पर मुनिश्री जयंत कुमार जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त होगा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी मुख्य अतिथि होंगे. 13 नवंबर को समापन समारोह में एनएएल बैंगलुरु में वैज्ञानिक डॉ. शुभा जी अध्यक्ष होंगी, व प्रमुख संचालिका शांतक्का जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा.

समापन से पूर्व शिविर के अंतिम दिन (13 नवंबर) महिला संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें तीन विषयों को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है. परिवार व संस्कृति संरक्षण पर कालिदास विवि, नागपुर की उपकुलपति डॉ. उमा वैद्य जी, परिवार व सामाजिक समरसता पर महिला विवि विजयपुर की पूर्व उपकुलपति डॉ. मीना चंदावरकर जी, तथा परिवार व आर्थिक विकास पर राजस्थान वित्त आयोग की अध्यक्षा डॉ. ज्योतिकिरण शुक्ला जी विषय प्रस्तुत करेंगी.

उन्होंने कहा कि विश्व के विभिन्न देश आशा की दृष्टि से भारत की ओर देख रहे हैं, ऐसे में वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की भूमिका क्या होनी चाहिए, और हम कैसे विश्व का नेतृत्व करने वाले भारत को खड़ा कर सकते हैं, शिविर के दौरान इन विषयों पर विचार विमर्श होगा. साथ ही राष्ट्र सेविका समिति की अभी तक की यात्रा में क्या किया, भविष्य में क्या कर सकते हैं, तीन दिनों में देशभर से आईं कार्यकर्ताओं में आगामी कार्य योजना को लेकर चितंन – मंथन होगा और कहें तो भविष्य का मार्ग (रोड मैप) तय करेंगे.

देश में महिला अधिकारों के मुद्दे पर अलका जी ने कहा कि सड़कों पर उतरकर या संघर्ष से मुद्दे नहीं सुलझते, अपितु उलझते हैं. आपस में विचार विमर्श कर समस्या का हल निकाला जा सकता है. समाज मन और विचार में परिवर्तन लाना होगा. सेविका समिति इसी दिशा में प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि सेविका समिति समाज से अलग नहीं है, यह राष्ट्र के लिए महिलाओं का संगठन है. हमारा आपका राष्ट्र के प्रति दायित्व क्या है, इसका प्रबोधन करवाना है. एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति के दरवाजे समस्त महिलाओं के लिए खुले हैं, लेकिन उनकी निष्ठा राष्ट्र के प्रति होनी चाहिए. प्रेस वार्ता में उनके साथ दिल्ली प्रांत प्रचारिका विजया जी, प्रेरणा शिविर की प्रचार प्रमुख सरजना जी भी उपस्थित थीं.

राष्ट्र सेविका समिति का परिचय

वर्तमान में देशभर में राष्ट्र सेविका समिति की करीब 2400 स्थानों पर तीन हजार के लगभग शाखाएं चलती हैं, विश्व के 22 देशों में हिन्दू सेविका समिति के नाम से कार्य चल रहा है. स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन, के क्षेत्र में राष्ट्र सेविका समिति द्वारा 400 से अधिक सेवा कार्य देशभर में चलाए जा रहे हैं. सेविका समिति ने वंदेमातरम गीत के सौ वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2005 में युवा पीढ़ी को केंद्रित करते हुए वंदेमातरम अभियान लिया था. वर्ष 2014-15 में 1570 स्थानों पर किशोरी शिविरों का आयोजन हुआ, जिसमें सवा तीन लाख किशोरियों ने भाग लिया, 168 स्थानों पर आयोजित प्रबुद्ध महिला संगोष्ठियों में करीब 16 हजार महिलाओं ने भाग लिया, 2015-16 में देशभर में 200 स्थानों पर आयोजित तरुणी सम्मेलनों में 65,000 तरुणियों ने भाग लिया. वर्ष 1996 में दिल्ली में सेविकाओं का विशाल सम्मेलन हुआ था, जिसमें 7500 सेविकाओं ने भाग लिया था, इसी प्रकार नागपुर में दस वर्ष पूर्व आयोजित सम्मेलन में 10,000 सेविकाएं उपस्थित थीं. प्रेरणा शिविर केवल दायित्ववान कार्यकर्ताओं का है.

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