राजस्थान में पहली बार होगा आयुर्वेद एवं हर्बल औषधी विषय पर चिंतन—श्री नरपतसिंह

dsc_7965-copy—विहिप की ‘गोसंरक्षण और गोसंवर्धन’ विषयक प्रेसवार्ता
—ग्लोबल राजस्थान एग्रीकल्चर मीट (ग्राम) में होगा यह विचार—मंथन
जयपुर 4 नवम्बर। विश्व हिन्दू परिषद की शुक्रवार को विहिप कार्यालय पर ‘गोसंरक्षण और गोसंवर्धन’ विषय पर प्रेसवार्ता हुई। इस दौरान गो—संरक्षण गोसंवर्धन के संबंध में किए जा रहे कार्यों से संवादाताओं को रूबरू कराया गया।
विहिप के प्रदेश मंत्री श्री नरपतसिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान में गोसंरक्षण एवं गोसंवर्धन के लिए एक मंत्री मण्डलीय उप—समिति का गठन किया है। कमेटी ने गोरक्षा से जुड़े संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श किया है और इस विचार-विमर्श के आधार पर गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जा रही है। हाल ही में अक्षयपात्र फाउण्डेषन को हिंगोनिया गो-पुनर्वास केन्द्र के संचालन की जिम्मदारी दी गई, जिससे वर्षों से लम्बित गोसंरक्षण से जुडे़ इस महत्वपूर्ण समस्या का निदान सम्भव हो सकेगा।
उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में पहली बार ग्लोबल राजस्थान एग्रीकल्चर मीट (ग्राम) आयोजित किया जा रहा है। इसमें पहली बार आयुर्वेद एवं हर्बल औषधी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श होगा। राजस्थान इन्वेस्टमेन्ट प्रमोशन स्कीम (रिप्स) में संशोधन करके आयुर्वेद एवं हर्बल औषधी के क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जायेगा। इसके लिए एग्री-मार्केटिंग और एग्री-बिजनेस पाफलिसी में भी आवश्यक संशोधन किये जा रहे है, जिससे कि प्रदेश में अधिकाधिक निवेश संभव हो सके।

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