संस्कारों से बनती है संस्कृति- मेजर एस.एन.माथुर

  राष्ट्र सेविका समिति का प्रबोध शिक्षा वर्ग प्रारम्भ

विसंके जयपुर 19 मई। संस्कारों से संस्कृति बनती है, भारतीय संस्कृति बहुत समृद्ध है,सम्पूर्ण विश्व में इसका संचार हुआ है, यह कहना था मेजर एस.एन.माथुर का। वे आज जवाहर नगर स्थित आदर्श विद्या मन्दिर में राष्ट्र सेविका समिति के 15 दिवसीय प्रबोध शिक्षा वर्ग के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षार्थी बहनों को सम्बोधित कर रहे थे।

S 1 S 2 3 Sमेजर माथुर ने अन्य देशों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ब्रुसेल्स के लोग मत्स्य देवता की पूजा करते हैं। वहां के कई देशों में भारतीय संस्कृति से सम्बन्धित अनेक अवशेष आज भी मिलते हैं। इनमें से कुछ अवशेषों को आयरलैण्ड के एक संग्रहालय में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी का उद्भव देववाणी संस्कृत से हुआ है, और इंग्लैण्ड के राजा भी कभी हिन्दू थे।

क्षेत्र कार्यवाहिका सुश्री प्रमिला शर्मा ने बताया कि इस शिक्षा वर्ग में कुल 34 शिक्षार्थी भाग ले रही हैं। राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय तरूणी प्रमुख सुश्री भाग्यश्री साठे इस वर्ग में समापन तक रहेंगी।

श्रीमती मंजू शर्मा ने बताया की इस बार का प्रबोध वर्ग ’हम करें राष्ट्र आराधना’ विषय से प्रेरित है। वर्ग की सर्वाधिकारी श्रीमती सरोज प्रजापति हैं। शिक्षा वर्ग का उद्देश्य बहनों में समाज के प्रति जागरूकता लाना व उन्हें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक दृष्टि से सक्षम बनाना है। वर्ग 2 जून तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि समिति का प्रारम्भिक शिक्षा वर्ग14 मई से कोटा में चल रहा है।

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