आर नहीं अब पार करो (भाग-1)

रक्षात्मक कार्यवाही छोड़कर आक्रामक प्रहार करो

‘हंस के लिया है पाकिस्तान और लड़ के लेंगे हिन्दुस्तान’, अपने इस जन्मजात उद्देश्य की पूर्ति के लिए पाकिस्तान गत 7 दशकों से ‘इंशा-अल्लाह’ की आड़ लेकर भारत पर निरन्तर गैर इंसानी और कायराना हरकतों को अंजाम दे रहा है। पुलवामा ‘कश्मीर’ में भारतीय सेना के काफिले पर पाकिस्तान के एक कश्मीरी आतंकी एजेंट ने ‘कार बम’ से हमला करके 42 जवानों के बलिदान लिए हैं। इस हमले से 130 करोड़ भारतीयों (कुछ गद्दारों को छोड़कर) का खून खौल रहा है।

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सारा देश कह रहा है—अब कुर्बानियां देने का नहीं, कुर्बानियां लेने का वक्त आ गया है। अब आंसू बहाने का समय नहीं, दुश्मन के आंसू निकालने का समय है। यह समय रोने का नहीं दुश्मन को रुलाने का है। आतंकवाद के जन्मदाताओं पर अंतिम कड़ा प्रहार करने का समय है। अब आर नहीं, पार जाकर रावण की लंका को फूंक डालना होगा। अगर अब भी चूक गए तो भारतवासी इस सरकार को क्षमा नहीं करेंगे। पुलवामा में हुआ आतंकी हमला देश की सुरक्षा, अखण्डता और स्वाभिमान के साथ जुड़ा हुआ है।

अमरीका, चीन और अरब देशों के टुकड़ों पर पल रहा पाकिस्तान कंगाल हो चुका है। भारत के हाथों चार बार के बड़े युद्धों में मार खाकर भी बाज नहीं आ रहा। सारे संसार में विशेषतया भारत में आतंकवाद फैला रहे पाकिस्तान पर अब अंतिम प्रहार करना सारे संसार के अमन चैन के लिए जरूरी है। पाकिस्तान और इसके आतंकी अस्तित्व को पूर्णतया समाप्त करने के लिए भारत  सरकार और सेना के साथ पूरा देश खड़ा है। भारत को अब मात्र बदला नहीं लेना है, बल्कि आगे बढ़कर इस नापाक देश का सर्वनाश करना है। अब रक्षात्मक नहीं, आक्रामक रुख अख्तियार करने से ही पाकिस्तान घुटने टेकेगा।

पाकिस्तान द्वारा थोपे गए चार बड़े युद्धों में हमारे हजारों जवान शहीद हुए हैं। माताएं बहने विधवा हुई हैं। लाखों बच्चे अनाथ हो चुके हैं। सीमान्त क्षेत्रों के लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। इन युद्धों में भारत सरकार का भारी भरकम खजाना खर्च हुआ है। पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने लाखों परिवारों को तबाह किया है। लाखों लोग अपनी कुर्बानियां दे चुके हैं, चार लाख से ज्यादा कश्मीरी हिन्दू अपने घरों से खदेड़ दिए गए हैं। बम विस्फोटों, हमलों में बेसहारे और निहत्थे लोग मारे जा रहे हैं। अगर पाकिस्तान और थोड़ी देर जिंदा रहा तो इससे कही ज्यादा भयानक विस्फोट और आक्रमण होते रहेंगे। क्योंकि इस नापाक देश का उद्देश्य है ‘लड़ के लेंगे हिन्दुस्तान’ अर्थात भारत को ‘दारुल-इस्लाम’ मुल्क में तब्दील करना।

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अतः भारत को युद्ध समेत प्रत्येक विकल्प का इस्तेमाल अब करना चाहिए। कुछ कदम तुरन्त उठा लेने चाहिए।

  • पाकिस्तान को तुरन्त आतंकवादी देश घोषित करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबूत पेश करते हुए इसके लिए समर्थन जुटाना।
  • इस मुल्क के साथ सभी राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सम्बन्ध तुरन्त समाप्त कर देने चाहिए।
  • सेना के तीनों अंगों को न केवल रक्षात्मक बल्कि आक्रामक रुख अपनाकर निर्णायक सैनिक कार्यवाही की इजाजत देनी चाहिए।
  • कश्मीर समेत समस्त देश में सक्रिय आतंकवादियों तथा पाक समर्थित गुटों और नेताओं पर सख्त कार्यवाही तुरन्त प्रारम्भ कर दें।
  • पाकिस्तान के साथ हुए सिन्धु जल समझौते पर पुर्नविचार होना चाहिए जो मुल्क हमारे जवानों का खून बहा रहा है, उसको मुफ्त में पानी पिलाना बंद करो।
  • हुर्रियत कांफ्रेंस जैसी पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी संस्थाओं के नेताओं की सुरक्षा तुरन्त वापस लेने में देर नहीं करनी चाहिए।
  • जिन घरों में पाकिस्तान घुसपैठिए/आतंकियों को शरण दी जाती है, ऐसे पाकिस्तानी समर्थक लोगों को भी आतंकियों के साथ ही गिरफ्तार करके सख्त कार्यवाही शुरु करनी चाहिए।
  • सेना पर पत्थर मारने वाले लोगों को भी आतंकवादियों की श्रेणी में डालकर सख्त कार्यवाही से परहेज नहीं करना चाहिए।
  • पकड़े जा रहे घुसपैठियों/आतंकियों को मौके पर ही सजा-ए-मौत दी जाए।

भारत की सरकार ने पाकिस्तान को दिया गया ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र का दर्जा’ समाप्त करके स्वागत योग्य कदम उठाया है। बड़े-बड़े देशों के राजदूतों की बैठक बुलाकर पूरे संसार के सामने भारत ने पाकिस्तान को कसूरवार ठहराकर मजबूती से अपना पक्ष रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेनाओं को सख्त कार्यवाही के लिए पूर्ण छूट दे दी है। भारतवासियों की अब इस सरकार से एक ही अपेक्षा है कि अब केवल चेतावनी देना, बदले की कार्यवाही करना, पाकिस्तान को सबूतों के बंडल सौंपना इत्यादि से ऊपर उठकर पाकिस्तान पर सीधा प्रचंड आक्रामक प्रहार किया जाए। ——क्रमशः जारी

-नरेन्द्र सहगल

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