चित्र भारती फिल्मोत्सव – प्रत्यक्ष अनुभव

भारतीय चित्र साधना संस्था द्वारा चित्र भारती फिल्मोत्सव का आयोजन 19-21 फरवरी 2018, विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के सैकड़ों युवाओं से भरपूर सिरी फोर्ट अॉडिटोरियम दिल्ली में किया गया, जिसके प्रत्यक्ष अनुभव का आस्वादन करने का अवसर प्राप्त हुआ। भारतीय सिनेमा से जुड़े हुये बहुत से स्थापित गणमान्य जनों से प्रत्यक्ष रूबरू होने का अवसर मिला।
19 फरवरी को प्रातः महिला पुरोहितों के द्वारा यज्ञ और पूजा के साथ कार्यक्रम आरम्भ हुआ। 703 फिल्मों की प्रविष्ठियाँ प्राप्त हुई, जिनमें से 160 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। फिल्म महोत्सव में अधिकतम 20 मिनट लम्बी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। जिन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया और पुरस्कार दिये गये। इस चलचित्र महोत्सव में सारे भारत वर्ष के सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। इस प्रकार से यह फिल्मोत्सव अपने दूसरे आयोजन के साथ ही भारत के बड़े समारोह में शामिल हो गया ।
आज आवश्यकता है कि भारत के चलचित्र में भारत की सभ्यता, संस्कृति व इतिहास का गरिमामय चित्रण हो। फिल्म निर्माता अपनी धरती-अपनी भाषा से जुड़ी फिल्में बनाएं। भारत के धार्मिक और पौराणिक साहित्य में हजारों प्रेरणादायक कहानियाँ हैं।
उद्धघाटन, पुरस्कार वितरण और समापन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर खट्टर, श्री अर्जुन रामपाल, श्रीमती हेमा मालिनी, श्रीमती स्मृति ईरानी, मधुर भंडारकर, विजयेन्द्र प्रसाद, सुभाष घई, प्रसून जोशी, बाबुल सुप्रियो, मनोज तिवारी, विक्टर बैनर्जी, दक्षिण और पूर्वोत्तर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।
छात्रों को शिक्षित करने के उद्देश्य से मास्टर क्लास भी आयोजित की गयी। जिसमें श्री मनोज तिवारी, श्री सुभाष घई, और फिल्म बाहुबली के कथाकार श्री विजयेन्द्र प्रसाद ने छात्रों को सिखाया।
पश्चिमी जगत से आने वाले विज्ञान और टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए हमने उनकी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी जाने-अनजाने में अपना लिया। किसी कलाकृति की नकल को कभी पुरस्कार और सम्मान नहीं मिलता है। भारतीय चलचित्र को अपनी मौलिकता के साथ खड़ा होना होगा। कहानियों और जन-श्रुतियों के माध्यम से हमारे यहां सदा से ही धर्म और नैतिकता की शिक्षा दी जाती रही है। अब यह कार्य सिनेमा के माध्यम से भी किया जा सकता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने एक फिल्म यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की।
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बैठक में कहा कि युवा फिल्में समूह में देखें, फिर उस पर चर्चा और विश्लेषण करें। युवाओं को अच्छा सिनेमा ना केवल देखने बल्कि बनाने के लिये भी प्रेरित किया जाये।
-मनु त्रिपाठी

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