Category: प्रेरक-प्रसंग

अध्यात्म पुरुष बाबा बुड्ढा 0

मैं तो गुरुओं का दास हूं-अध्यात्म पुरुष बाबा बुड्ढा

अध्यात्म पुरुष बाबा बुड्ढा (1 सितम्बर/इतिहास-स्मृति) सिख इतिहास में बाबा बुड्ढा का विशेष महत्त्व है। वे पंथ के पहले गुरु नानकदेव जी से लेकर छठे गुरु हरगोविन्द जी तक के उत्थान के साक्षी बने।...

खेजड़ली गाँव में वृक्षों की रक्षा के लिए किए गए बलिदान की शौर्य गाथा 0

जब पेड़ों को काटा जाने लगा, तो लोगों के शरीर भी टुकड़े-टुकड़े होकर गिरने लगे

खेजडली ‘पर्यावरण संरक्षण के लिए 363 बलिदान’  ( स्मरण दिवस भाद्रपद शुक्ल दशमी तदनुसार 31 अगस्त ) राजस्थानी की प्रसिद्ध कहावत “सर साठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण” (अर्थात सिर कटवा कर वृक्षों...

कन्हाईलाल दत्त 0

चिता की भस्म से लोगों ने तिलक किया

देशद्रोही का वध (31 अगस्त/प्रेरक-प्रसंग) स्वाधीनता प्राप्ति के प्रयत्न में लगे क्रांतिकारियों को जहां एक ओर अंग्रेजों ने लड़ना पड़ता था, वहां कभी-कभी उन्हें देशद्रोही भारतीय, यहां तक कि अपने गद्दार साथियों को भी...