मां – बेटियों की इज्जत करने से ही देश खुशहाल– इंद्रेश जी

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अजमेर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि बंदूक, खौफ, विवादों और कट्टरता से मुल्क की तरक्की मुश्किल है. बेहतर हिंदुस्तान बनाने के लिए कन्या भ्रूण हत्या, शराब और दूसरी सामाजिक बुराइयों को छोडऩा होगा. तभी परिवार, समाज और भारत खुशहाल बनेगा. इंद्रेश जी मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा अजमेर में आयोजित अखिल भारतीय मुस्लिम महिला महासम्मेलन में संबोधित कर रहे थे. सम्मलेन में देशभर से लगभग 5 हजार महिलाओं की प्रतिभागिता रही.

उन्होंने कहा कि मां-बेटियों के कदमों में जन्नत होती है. इसलिए तलाक बीवी से नहीं नशे से लेना चाहिए. आज की बेटी कल की मां और परिवार की रोशनी है. हमें कन्या भ्रूण हत्या को छोड़कर बेटियों का जन्मदिन धूमधाम से मनाना चाहिए. बेटियों को बोझ समझने वालों को अपनी सोच बदलनी चाहिए. मां-बेटियों की इज्जत करने से ही यह देश खुशहाल बन सकता है. इसके लिए मां-बेटियों की तालीम (शिक्षा), सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पुरुषों को बेगम हजरत महल, बहादुरशाह जफर, अशफाक उल्लाह खान, कैप्टन आबिद जैसे आदर्शों के जीवन से सीख लेनी चाहिए.

इंद्रेश जी संबोधन में कहा कि बच्चे उतने ही होने चाहिए, जिनकी शिक्षा और स्वास्थ्य का सही तरीके से प्रबंध किया जा सके. कुछ नेता ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह देते हैं. इससे नेताओं का वोट बैंक बढ़ जाता है, लेकिन आपके परिवार पर बुरा असर पड़ता है. उन्‍होंने मुस्लिम समुदाय की तरक्की और खुशहाली के लिए बेटियों की तालीम को सबसे जरूरी बताया और उन्होंने बेटियों की उच्‍च शिक्षा के लिए पांच लाख रुपए का वुमन वेलफेयर फंड शुरू करने की बात कही. फंड से मुस्लिम लड़कियों की एजूकेशन पर हर तरह का खर्च किया जाएगा, ताकि उन्हें बीच में पढ़ाई न छोड़नी पड़े.

सम्मलेन के दौरान महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपए से अशफाक उल्लाह तालीम एवं महिला जन कल्याण ट्रस्ट स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के इस ट्रस्ट से मुस्लिम और बेसहारा महिलाओं-बेटियों को पढ़ाया जाएगा. इसमें 1 हजार रुपए जमा कराने वालों को आजीवन सदस्यता प्रदान की जाएगी. इसमें किसी भी जाति, धर्म, पंथ, प्रांत के लोग धनराशि दे सकेंगे. ट्रस्ट की स्थापना 21 दिसम्बर को पुणे में की जाएगी. अगले वर्ष महिलाओं-बेटियों की दीनी तालीम, राष्ट्रीय, सांस्कृतिक तालीम के लिए सेमीनार होगा.

सम्मलेन में राज्य वित्त आयोग की अध्यक्ष ज्योति किरण, मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक शहनाज अफजाल, बनारस की नाजनीन अंसार, जम्मू-कश्मीर की हाफिजा मुजफ्फर ने भी संबोधित किया. सम्मेलन में उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य प्रांतों से भी मुस्लिम महिलाएं और छात्राएं पहुंचीं.

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