साहित्य के भारतीयकण की प्रबल आवश्यकता—श्री विपिनचन्द्र

—साहित्य परिषद का स्वर्ण जयंती व्याख्यानमाला कार्यक्रम
विसंकेजयपुर
सीकर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की ओर से लोसल में स्वर्ण जयंती व्याख्यानमाला आयोजित की गई। व्याख्यानमाला कार्यक्रम के मुख्य वक्ता साहित्य परिषद् राजस्थान के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विपिनचन्द्र थे। उन्होंने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलimg-20160918-wa0002न कर कार्यक्रम की विधिवतरूप से शुरूआत की।
उपस्थित समाज—बंधुओं को संबोधित करते हुए श्री विपिनचन्द्र ने कहा कि भारत के साहित्य को पहले अंग्रेजों ने और स्वतंत्रता के बाद वामपन्थियों ने विकृत कर हमें पढ़ाया जिसके दुष्परिणाम आज हम भुगत रहे हैं। ऐसे में आज देश में साहित्य का भारतीयकरण किये जाने की तत्काल आवश्यकता है।

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