व्यक्तिगत चरित्र के साथ राष्ट्रीय चरित्र भी आवश्यक—श्री कैलाश जी

final_bstSnapshot_224951—निवाई में बजरंग दल का शौर्य प्रशिक्षण शिविर जारी

—शिक्षार्थियों को श्री कैलाश जी का संबोधन
विसंकेजयपुर
टोंक, 12 जून। हिन्दू समाज को पुन: अपने गौरवपूर्ण स्थान पर बैठाने के लिए शिवाजी जैसे पुत्रों व जीजाबाई जैसी माताओं की आवश्यकता है। विश्व हिन्दू परिषद वह माता है जिसने बजरंग दल जैसे वीर संंगठन को जन्म दिया है। यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख श्री कैलाश जी का। वे रविवार को निवाई स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में पिछले दो दिन से जारी बजरंग दल के शौर्य प्रशिक्षण शिविर में आए शिक्षार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
श्री कैलाश जी ने कहा कि बजरंग दल के तीन कार्य है पहला सज्जनों की रक्षा करना, दूसरा दुर्जनों का विनाश एवं तीसरा धर्म की स्थापना करना। हनुमान जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत चरित्र के साथ राष्ट्रीय चरित्र भी आवश्यक है। सुरक्षा जैसी बाधाओं को अपने बुद्धि—कौशल से परास्त किया जा सकता है जिस प्रकार हनुमान जी ने अपना लक्ष्य प्राप्त किया था उसी प्रकार अपने ज्ञान एवं वीरता से बजरंग दल भी सभी बाधाओं पर विजय प्राप्त कर देश के परम वैभव का अपना लक्ष्य प्राप्त करेगा।
इस अवसर पर विहिप के कार्यकारी प्रांतअध्यक्ष श्री राधेश्याम गौतम, बजरंग दल के क्षेत्रीय संयोजक श्री इन्द्रजीत सिंह राजपुरोहित एवं विहिप के टोंक जिलाध्यक्ष श्री सीताराम शर्मा भी उपस्थित थे।

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