इशरत जहां ने किया हनुमान चालीसा पाठ, तो मिली जान से मारने की धमकी

जयपुर (विसंकें). मुस्लिम महिला इशरत जहां ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में हिस्सा क्या लिया, मानो आसमान सिर पर गिर पड़ा हो. इशरत को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. दूसरी ओर मकान मालिक ने घर खाली करने के लिए कह दिया है. सारे मामले में सेकुलरों की चुप्पी सवाल खड़े करती है. वीरवार को इशरत एक टीवी डिबेट में भाग ले रही थीं, तो उस दौरान लोगों ने उसके घर को घेर लिया था. उस दौरन बच्चे घर पर अकेले थे, इशरत ने ट्विट कर इसकी जानकारी दी.

इशरत जहां मंगलवार (16 जुलाई 2019) को डबसन रोड (हावड़ा, पश्चिम बंगाल) स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में पाठ में शामिल हुईं थी. इसके अगले ही दिन बुधवार (17 जुलाई 2019) को दोपहर के समय उनके घर के बाहर भीड़ जमा हो गई. उनके ख़िलाफ़ नारेबाजी की और घर छोड़ने को कहा. उनके मुस्लिम पड़ोसियों ने इशरत के हिजाब पहनकर हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल होने पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि तुम्हें हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल होने की क्या ज़रूरत थी? जब भीड़ इशरत के घर पर हंगामा कर रही थी तो हालात इतने गंभीर हो गए कि उन्हें पुलिस की मदद मांगनी पड़ी थी. उनकी शिक़ायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है. गोलाबाड़ी पुलिस स्टेशन में दायर इशरत की शिक़ायत के अनुसार, बुधवार को जब वह अपने बच्चे के स्कूल से घर लौट रही थी, तो नंद घोष रोड पर मुस्तफा अंसारी और उनके मकान मालिक मनजिर हुसैन के साथ सौ से अधिक लोगों ने उन्हें बीच रास्ते में रोका. इशरत ने आरोप लगाया कि अंसारी और उनके मकान मालिक हुसैन के नेतृत्व में भीड़ ने उन पर उंगली उठाई और उन्हें हनुमान चालीसा कार्यक्रम में भाग लेने पर धमकी दी. उन्होंने घर खाली करने और इलाक़े को छोड़ने के लिए भी कहा.

इशरत ने कहा कि बुधवार दोपहर घर के पास सैकड़ों की तादात में लोग इकट्ठा होकर घर छोड़ने को लेकर नारेबाजी करने लगे.

इशरत ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह एक धर्मनिरपेक्ष देश की नागरिक है और उन्हें किसी भी धर्म को निभाने और कहीं भी जाने की पूरी आज़ादी है. उन्हें ट्रिपल तलाक़ मामले में याचिकाकर्ता बनने के बाद से ही जान से मारने की धमकी मिल रही है.

पश्चिम बंगाल हावड़ा की रहने वाली इशरत जहां को उनके शौहर ने तीन तलाक़ दे दिया था. इसके बाद से ही उन्होंने तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ लड़ाई शुरू कर दी थी. इससे नाराज़ ससुरालियों और कट्टरपंथियों ने उन्हें सरेआम बहुत अपमानित किया. इस वजह से कट्टरपंथी तबका उन्हें उस इलाक़े से बाहर करने में लगा हुआ है. इशरत जहां सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली उन पाँच याचिकाकर्ताओं में से एक हैं, जिनकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक करार दिया था.

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