मूर्तियों की अवमानना दुर्भाग्यपूर्णः मनमोहन वैद्य

मूर्तियों की अवमानना दुर्भाग्यपूर्णः मनमोहन वैद्य

जयपुर 10 मार्च  (विसंके) महापुरुषों की मूर्तियों की अवमानना के मामले को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य जी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। ये बात उन्होंने संघ की नागपुर में आयोतिज तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के शुभारंभ से पूर्व कही। उन्होंने कहा कि संघ से नए लोग जुड़ रहे हैं और शाखाएं बढ़ रही हैं। ‘ज्वाइन आरएसएस’ कार्यक्रम के तहत 2013 में 28 हजार युवाओं ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई थी। 2017 में 1.25 लाख लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई। इनमें 35 वर्ष की उम्र के लोगों की संख्या अधिक थी। सूचना तकनीकी से जुड़े युवा भी बड़ी संख्या में संघ से जुड़ रहे हैं। युवाओं को जोड़ने के अभियान को और तेज किया जाएगा। 2007 में सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम आरंभ किया गया था। जिला स्तर पर हिंदू समाज के विविध जाति समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठकों का आयोजन किया गया। वार्ता में संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ठाकुर व विदर्भ प्रांत प्रचार प्रमुख अनिल सांबरे उपस्थित थे।

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